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योजना से पलायन पर रोक लगेगी तथा पर्वतीय क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी
June 4, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • social

 पौड़ी/श्रीनगर/दिनांक 04 जून 2020,
वैश्विक महामारी कोविड 19 को लेकर, लॉक डाउन के कारण प्रदेश में वापसी कर रहे प्रवासियों हेतु स्वरोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत प्रदेश  में रोजगार एवं स्वरोजगार के साधन सुलभ कराने हेतु डेयरी विकास विभाग द्वारा ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना तथा गंगा गाय महिला डेयरी योजना अंतर्गत 3 एवं 5 दुधारू पशुओं के क्रय हेतु 25ः अनुदान तथा नगरीय क्षेत्रों में आंचल मिल्क बूथ स्थापना हेतु 20ः अनुदान पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस आशय की जानकारी देते हुए अध्यक्ष दुग्ध संघ श्रीनगर गढ़वाल हरेंद्र पाल सिंह नेगी ने बताया कि योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन पत्र 15 जुलाई 2020 तक गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, श्रीनगर गढ़वाल से प्राप्त किए जा सकते हैं। कहां कि योजना से पलायन पर रोक लगेगी तथा पर्वतीय क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। तीन दुधारू पशु हेतु ₹246500 का प्रावधान है जिसमें से ₹61625 अनुदान ₹24650 लाभार्थी  अंश एवं ₹160225 ऋण होगा । पांच दुधारू पशुओं हेतु ₹407250 का प्रावधान है जिसमें से ₹101813 अनुदान ₹40725 लाभार्थी अंश एवं ₹264 712 ऋण होगा।प्रधान प्रबंधक चैधरी हरि सिंह गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड श्रीनगर गढ़वाल द्वारा बताया गया कि दुग्ध एवं दुग्ध पदार्थों में हो रही मिलावट को उपभोक्ताओं द्वारा स्वयं अपने घर पर परीक्षण करने हेतु उपकरण, दुग्ध जांच स्ट्रिप एवं जांच की विधि विषयक पंपलेटस निशुल्क उपलब्ध कराने की योजना का शुभारंभ माननीय उच्च शिक्षा मंत्री, प्रोटोकॉल एवं दुग्ध विकास मंत्री उत्तराखंड सरकार डॉ धन सिंह रावत द्वारा 1 जून को श्रीनगर गढ़वाल में किया गया। उन्होंने बताया कि उपकरण आंचल डेरी श्रीनगर गढ़वाल द्वारा कोटद्वार,पौड़ी, श्रीनगर एवं रुद्रप्रयाग में संचालित किए जा रहे हैं। सचल मिल्क वेडिंग वाहन से अपना नाम, पता एवं मोबाइल नंबर अंकित कराते हुए निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। जनपद पौड़ी हेतु 1000  परिवारों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इन उपकरणों से उपभोक्ता अपने स्वयं तथा आस-पड़ोस के परिवारों के दूध की जांच स्वयं कर सकेंगे। इस योजना से दूध में होने वाली मिलावट पर रोक लगेगी।