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उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अर्धसैनिक बलों का फ्लैग मार्च, हिंसा की कोई नयी घटना सामने नहीं आई
March 3, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • crime

नयी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हिंसा प्रभावित इलाकों में मंगलवार को अर्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च किया। साथ ही नुकसान का आकलन करने वाले दलों ने भी इन इलाकों में हुए नुकसान की समीक्षा की। इलाकों में हालात सामान्य, लेकिन तनावपूर्ण हैं। दंगा प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं और मदद पहुंचाने का काम तेज कर दिया गया है। लोग अपने वाहनों पर दंगा पीड़ितों के लिए राशन का सामान और दूध के डिब्बे ले जा रहे हैं। हालांकि कई पीड़ितों ने शिकायत की है कि उन्हें सरकार की ओर से कोई चिकित्सा या कानूनी मदद नहीं मिल रही है।

 
शिव विहार में हिंसा के शिकार हुए सैकड़ों लोगों को चमन पार्क में आश्रय गृह में रखा गया है। शिव विहार उन इलाकों में शामिल हैं, जो दंगों से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों ने दावा किया कि उन्हें केन्द्र या दिल्ली सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है। कुछ वकीलों द्वारा लगाई गईं हेल्पडेस्क पर कई लोग शिव विहार में अपने घरों को देखने के लिए मदद मांगने आए हैं। हिंसा का कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। कई दुकानें अब भी बंद हैं। एक दुकानदार ने कहा,  कुछ दुकानें ही खुली हैं, जिनमें अधिकतर किराने की दुकानें हैं। बड़े शोरूम अब भी बंद हैं कि क्योंकि उनके मालिक कोई भी जोखिम नहीं उठाना चाहते। 
 
 
अधिकारियों ने बताया कि इलाके में हालात शांतिपूर्ण हैं और हिंसा की कोई नयी घटना सामने नहीं आई है।  इस बीच, पुलिस ने कथित रूप से हिंसा की अफवाहें उड़ाने को लेकर पूरी दिल्ली से 40 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनकी वजह से रविवार रात शहर में दहशत फैल गई थी। पुलिस फ्लैग मार्च करने के अलवा जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, चांद बाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार और मुस्तफाबाद में स्थानीय लोगों से मुलाकात कर रही है। इन इलाकों में सीएए को लेकर भड़की सांप्रदायिक हिंसा का सबसे बुरा असर पड़ा है। इन इलाकों में सात मार्च तक स्कूल बंद रहेंगे।