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पुलिस की कहानी पर उठे सवाल, सब इंस्पेक्टर दीपांशु राठी पर हत्या करने का दावा करते हुए,आत्महत्या कर लेने की बात कही है
February 10, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • crime

 

नई दिल्ली, संवाददाता। दिल्ली पुलिस की प्रशिक्षु सब इंस्पेक्टर प्रीति अहलावत की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने जिस तरह से सब इंस्पेक्टर दीपांशु राठी पर हत्या करने का दावा करते हुए वारदात के बाद उसके द्वारा आत्महत्या कर लेने की बात कही है। पुलिस की यह थ्योरी किसी के गले नहीं उतर रही है। दीपांशु का शव जिस तरह से संदिग्ध हालत में सोनीपत के पास सेंट्रो कार में मिला है। उससे कई सवाल खड़े होते हैं।

सवाल यह है कि जब प्रेम प्रसंग में दीपांशु ने प्रीति की हत्या की और वारदात के बाद उसे आत्महत्या करनी थी तो उसने मौके पर ही ऐसा कदम क्यों नहीं उठाया? सोनीपत स्थित अपने घर के पास जाकर आत्महत्या क्यों की? दीपांशु राठी का शव घर से कई किलोमीटर दूर सड़क किनारे कार में मिला है। दीपांशु के सिर में पीछे की तरफ गोली लगी है। अगर उसे खुद ही गोली मारनी थी तो वह कनपटी पर गोली मार सकता था। उसने पीछे की तरफ से सिर में सटाकर गोली क्यों मारी?

आत्महत्या की कहानी पर पिता को शक

हरियाणा पुलिस में सब इंस्पेक्टर रहे दयानंद राठी डेढ़ साल पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वह मूलरूप से रोहतक जिले के गांव लाखन माजरा के रहने वाले थे, लेकिन 15 साल से सोनीपत में ही रह रहे हैं। दीपांशु (27) अविवाहित था। उसकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। अब दयानंद राठी अपने इकलौते पुत्र की शादी की तैयारी कर रहे थे। पिता को इस कहानी पर विश्वास नहीं हो रहा है कि दीपांशु किसी लड़की की हत्या कर खुद आत्महत्या कर सकता है।

दयानंद राठी के पड़ोसी जगवीर सिंह ने बताया कि शनिवार को परिवार के लोग दीपांशु के लिए लड़की देखने जाने वाले थे। दिल्ली में चुनाव होने के कारण दीपांशु ने आने में असमर्थता जताई थी। उसके पिता ने बताया कि दीपांशु किसी की हत्या नहीं कर सकता। यदि हत्या की बात मान भी ली जाए, तो वह दिल्ली में ही आत्महत्या कर सकता था। सोनीपत आ सकता था या फिर सोनीपत के रास्ते में कहीं पर आत्महत्या कर सकता था, लेकिन वह गांव बड़ी क्यों गया।

आसपास के लोगों के अनुसार वह बेहद शालीन था। दयानंद राठी ने आरोप लगाया कि उसे गर्दन में पीछे की ओर से गोली मारी गई है। दीपांशु के मोबाइल में बहना ओ बहना गाना प्ले मोड में था और कानों में ईयरफोन लगे थे। स्वजनों ने सवाल उठाया कि दीपांशु मोबाइल पर गाने सुनता हुआ आत्महत्या कैसे कर सकता है। पोस्टमार्टम में आत्महत्या की ओर इशारा: पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों का इशारा आत्महत्या की ओर है। पुलिस के अनुसार दीपांशु का अंगूठा पिस्टल में फंसा था। पुलिस के अनुसार दिल्ली पुलिस उसे पकड़ने के लिए पीछे लगी हुई थी। वह बचकर भाग रहा था। उसने गिरफ्तारी के डर से गाड़ी सड़क किनारे लगाई और आत्महत्या कर ली।