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NRC को लेकर कंफ्यूज SP नेता ने कह दिया, लिस्‍ट में राष्ट्रपतियों का बाहर कर दिया गया
February 6, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • political

एल.एस.न्यूज नेटवर्क, नयी दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून और नेशनल रजिस्टर आफ सिटीजन को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। जहां एक तरफ विपक्षी दलों की ओर से सीएए-एनआरसी को लेकर तमाम तरह के आरोप सरकार पर लगाए जा रहे हैं और मंशा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ बीजेपी की तरफ से सीएए और एनआरसी को लेकर तमाम मिथक और अफवाहों के दूर करने की कोशिश भी लगातार जारी है। सीएए और एनआरसी को लेकर अफवाहें और आधी- अधूरी जानकारी ने भी इस कानून को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा करने में अहम रोल निभाया है। जिसका एक उदाहरण समाजवादी पार्टी के नेता के रूप में देखने को मिला।

दरअसल, पूर्व विधायक और सपा नेता उमेश चंद्र पांडेय ने सीएए और एनआरसी को काला कानून बताया और साथ ही सवाल उठाते हुए कहा कि एआरसी के तहत देश के राष्ट्रतियों तक के नाम सूची से बाहर कर दिए गए। जवाब में मीडिया द्वारा राष्ट्रपति के नाम पूछे जाने पर वो निरूत्तर हो गए। बता दें कि उमेश चंद्र पांडेय बसपा के टिकट पर जो बार विधायक रह चुके हैं और हाल ही में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए हैं।