ALL political social Entertainment health tourism crime religious Sports National Other State
हिंसा के दौरान स्कूलों में तोड़फोड़, कई स्कूलों के पुस्तकालयों में लगायी गयी आग
February 28, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • crime

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के उत्तर पूर्वी क्षेत्र के बृजपुरी इलाके में स्थित एक निजी स्कूल में हिंसा का असर दिख रहा है। हिंसा से प्रभावित यह स्कूल अब टूटे डेस्कों तथा जली किताबों का ढेर बन कर रह गया है। इस स्कूल में एक बोर्ड है जो आधा जला हुआ है और उस पर लिखा है - ‘‘सबसे खुशहाल स्कूल में आपका स्वागत है।’’ बृजपुरी में स्थित इस स्कूल का नाम अरुण मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल है जो 32 साल पुराना है और अब यह देखने में किसी कब्रिस्तान से ज्यादा नजर नहीं आता। स्कूल के अधिकारी दावा करते हैं कि करीब 70 लाख रुपये के नुकसान का आकलन किया गया है। स्कूल की प्राचार्य ज्योति रानी ने  बताया, ‘‘स्कूल में जो कुछ हुआ उससे मैं अब तक उबर नहीं पायी हूं। मेरे लिये सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि जिस वक्त स्कूल में यह सब हुआ उस समय परिसर में बच्चे मौजूद नहीं थे। मैं इसकी कल्पना भी नहीं करना चाहती कि अगर स्कूल में उस समय बच्चे होते तो क्या होता।’’ 

 
उन्होंने बताया, ‘‘मंगलवार की शाम हमारा सुरक्षा गार्ड वहां मौजूद था जब भीड़ ने स्कूल परिसर में प्रवेश किया। घटना की आशंका से डरा गार्ड अपनी जान बचाने के लिए बाहर भाग गया। इसके दो दिन बाद कहीं जाकर हम स्कूल जाने की हिम्मत जुटा सके हैं। यहां टूटी डेस्क, पुस्तकालय में जली पुस्तकें और हर जगह तबाही का मंजर दिख रहा है। अब यह देखने में कब्रिस्तान से कम नहीं लगता है।’’ स्कूल के मालिक भीष्म शर्मा ने बताया कि दंगाइयों ने 70 लाख रुपये मूल्य की पुस्तकें जला डाली है। उन्होंने बताया, ‘‘यह स्कूल 1987 से चल रहा है। यह घटना मंगलवार की शाम पांच बजे हुई। वे आये और उन्होंने सबकुछ जला दिया। हमने 30 साल का रिकार्ड खो दिया। जिस एक बात के लिए हमें राहत है वह है कि हादसे के वक्त स्कूल में बच्चे नहीं थे, नहीं तो बहुत बड़ा नुकसान होता।’’ इसी तरह की तोड़ फोड़ की स्थिति कई स्कूलों में देखी जा सकती है, इसमें डीपीआर स्कूल, राजधानी पब्लिक स्कूल आदि शामिल है जहां दंगाइयों ने पुस्तकालयों को आग के हवाले कर दिया। 
 
 
गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून को लेकर सोमवार को इलाके में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। भीड़ ने मकानों, दुकानों और वाहनों को आग के हवाले करने के साथ ही एक पेट्रोल पंप को आग लगा दी थी। साथ ही स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया गया था। इस बीच, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यहां संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि दिल्ली सरकार उन स्कूली बच्चों को किताब और पोशाक मुफ्त में मुहैया करायेगी जिन्होंने उत्तर पूर्व दिल्ली में हुई हिंसा और आगजनी में इसे गंवा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर बच्चों ने किताबें खोयी है, तो शिक्षा निदेशालय दिल्ली के सरकारी एवं निजी स्कूलों के छात्रों को बिल्कुल मुफ्त में किताब और कापियां उपलब्ध कराएगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘संबंधित स्कूलों में इसका वितरण किया जाएगा। इसी प्रकार, स्कूल पोशाक भी मुफ्त में उपलब्ध कराएंगे।’’ दिल्ली में हुई हिंसा में कम से कम 38 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 200 अन्य घायल हुए हैं।