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हिलांस सरस मेला 2020 के सफल आयोजन हेतु जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने विकास भवन सभागार, पौड़ी में संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं को लेकर बैठक
February 7, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • social

सूचना/पौड़ी/दिनांक 07 फरवरी, 2020
हिलांस सरस मेला 2020 के सफल आयोजन हेतु जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने विकास भवन सभागार, पौड़ी में संबंधित अधिकारियों के साथ व्यवस्थाओं को लेकर बैठक ली। उन्होंने स्टाॅल के अन्दर लगाये जाने वाले बैनर का डिजायन उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। कहा कि बैनर एक साइज के हों। मेले में सेवायोजन विभाग को स्वरोजगार मेला, चिकित्सा विभाग को हेल्थ कैंप, बाल विकास विभाग को किड्स जोन लगाये जाने के निर्देश दिये। शिक्षा विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रम करने वालों की तथा युवा कल्याण को युवा एवं महिला मंगल दलों की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं स्वच्छता को लेकर तहसीलदार श्रीनगर को निर्देशित किया गया कि सफाई कर्मचारी, डस्टबीन का उचित प्रबन्ध करें। साथ ही रेगूलर चूना डालते रहें तथा शौचालयों की सफाई के लिए अलग से कर्मचारी लगायें।
 राजकीय बालिका औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, श्रीनगर गढ़वाल मंे 24 फरवरी से 04 मार्च, 2020 तक आयोजित होने वाले हिलांस सरस मेले के आयोजन को लेकर गठित समितियों द्वारा किये जाने वाले व्यवस्थाओ/कार्याें को लेकर चर्चा की गई। एपीडी सुनील कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि मेले में प्रदेश के प्रत्येक जनपद के 05-05 स्टाॅल लगाये जायेंगे, जबकि मेले में 82 स्टाल प्रदेश से बाहर के होंगे। बताया कि जनपद पौड़ी के विभिन्न विभागों के 32 स्टाल लगाये जायेंगे। बैठक में पाण्डाल समिति द्वारा आई कार्ड जारी किये जायेंगे। बैठक में आवास व्यवस्था समिति, भोजन जलपान व्यवस्था समिति, प्रचार-प्रसार समिति, मीडिया समिति, परिवहन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, संस्कृति विभाग आदि समितियों द्वारा की जाने वाली व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।
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जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने के संबंध में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक ली। उन्होंने समस्त रेखीय विभागों को एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना (आईएलएसपी), ग्राम्य विकास विभाग, उत्तराखण्ड विकेन्द्रीकृत जलागम विकास परियोजना के साथ आपसी समन्वय बनाकर कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। वहीं पाॅलीहाउस के लिए स्थान चिन्हित करने के भी निर्देश दिये गये। उन्होंने कहा कि किसानों को प्लोरीकल्चर, पशुपालन के क्षेत्र में सामुहिक कृत्रिम गर्भाधान, हार्टिकल्चर, एग्रीकल्चर, पर्यटन से जोड़ते हुए कार्य करें। इसके साथ ही टूरिस्ट वाले स्थानों में होम स्टे को बढ़ावा दें। कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसे कार्यों को महत्व दें, जो क्षेत्रानुसार अधिक फलदायक हों तथा जिससे कृषकों की आय दौगुनी हो सके। उन्होंने कम्युनिटी मोड में कार्य कर अधिक से अधिक स्वरोजगार उपलब्ध कराने को कहा। गढ्ढे खुदान का कार्य, टैंकों का निर्माण कार्य, जंगली जनवरों से फसलों की सुरक्षा आदि कार्य मनरेगा से जोड़कर करने को कहा गया। वहीं पौड़ी ब्लाक की तर्ज पर अन्य ब्लाॅकों में भी झंगोरे के लड्डू बनाने का कार्य शुरू करने तथा स्कूलों में दिये जाने वाले मिड डे मील में झंगोरे के लड्डू को शामिल करने के निर्देश दिये गये। कहा कि स्थानीय पोल्टरी में कडकनाथ प्रजाति के अण्डे की शुरूआत भी कर सकते हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, एपीडी सुनील कुमार, मुख्य कोषाधिकारी लखेन्द्र गौंथियाल, मुख्य कृषि अधिकारी डी.एस. राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी एम.एस.रावत, बाल विकास अधिकारी नरेन्द्र कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनीता अरोड़ा, एसीएमओ पौड़ी डा. जी.एस. तालियान, महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र, मृत्युंजय सिंह परियोजना प्रबंधक स्वजल दीपक रावत, जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भण्डारी, अधि. अभि. जलसंस्थान सतेन्द्र कुमार, अधि.अभि. विद्युत अभिनव रावत सहित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।