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अगर अनुरोध को मान लिया जाता तो परंपरा के पालन में कोई दिक्कत नहीं होती: धनखड़
February 10, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • political

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा तैयार बजट भाषण पढ़ने के दो दिन बाद राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रविवार को कहा कि अगर उनके अनुरोध को मान लिया जाता तो ‘‘परंपरा’’ का पालन करने में कोई दिक्कत नहीं होती। ममता बनर्जी सरकार के साथ लगातार विवादों में रहने वाले धनखड़ को लेकर ऐसी अटकलें बढ़ गई थीं कि भाषण में बदलाव करने के उनके अनुरोध को राज्य सरकार द्वारा खारिज किए जाने के बाद संभवत: वह बजट भाषण में कुछ जोड़ सकते है या हटा सकते हैं।

एक कार्यक्रम से इतर राज्यपाल ने पत्रकारों से कहा कि सरकार ने शुरू में बिना किसी सहायक दस्तावेज के उन्हें भाषण दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने कहा था कि बिना उन दस्तावेजों को देखे यह (भाषण पढ़ना) मेरे लिए संभव नहीं है। राज्य के वित्त मंत्री (अमित मित्रा) ने तब मुझसे मुलाकात की और परंपरा के मुताबिक मुझसे भाषण पढ़ने का अनुरोध किया और अधिकारी जरूरी दस्तावेज लेकर आए।’’ धनखड़ ने कहा कि वह ‘‘आगे बढ़ने’’ में यकीन करते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘दोनों पक्षों में आपसी विश्वास होना चाहिए।’