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आदर्श नगर सीट पर "भाजपा और "आप" में होगा घमासान
January 20, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • political

डॉ. नरेश कुमार चौबे। दिल्ली की प्रतिष्ठित कही जाने वाली सीट कभी कांग्रेस का वोट बैंक हुआ करती थी। आदर्श नगर सीट से तीन मर्तबा मंगत राम सिंघल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते और दिल्ली सरकार में मंत्री भी रहे। भाजपा के जय प्रकाश यादव ने एक मर्तबा मात्र 40 वोटों से ये सीट कांग्रेस से छीन ली थी। जयप्रकाश यादव 17020 वोट लेकर विजयी हये थे जबकि मंगतराम सिंघल को 16980 वोट मिले थे।

1998 में मंगतराम सिंघल ने जोरदार वापसी करते हुए भाजपा के दिग्गज बन चुके प्रत्याशी जय प्रकाश यादव को 19518 वोटों से हराकर अपनी हार का बदला लिया। इसकी वजह कुछ भी रही हो लेकिन भाजपा ने दो बार इस सीट को अकाली उम्मीदवार रविन्द्र खुराना के पाले में डाल दिया था। 2003 में कांग्रेस उम्मीदवार मंगतराम सिंघल 29290 वोट लेकर विजयी हये थे। जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार रविन्द्र खुराना 19958 वोट ही ले पाये थे। हार का अन्तर हालांकि जय प्रकाश यादव से कम ही था। 2008 में मंगतराम सिंघल एक बार फिर 36445 वोट लेकर विजयी हये। सरदार रविन्द्र खुराना 31933 वोट लेकर दूसरे नम्बर पर रहे। आदर्श नगर सीट का मिजाज कुछ अलग ही है। ये ठीक है कि अकाली उम्मीदवार सरदार रविन्द्र सिंह खुराना भाजपा के चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़े थे। क्षेत्र के भाजपा एवं भाजपा समर्थित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भी सरदार रविन्द्र सिंह खुराना के लिए काम किया था। ये बात अलग है कि कुछ ने हराने के लिए तो कुछ ने बुझे मन से पार्टी पदाधिकारियों के आदेश के कारण।

2013 में एक बार फिर भाजपा ने 36985 वोट हासिल कर कांग्रेस की झोली से ये सीट हथिया ली, और कांग्रेस को तीसरे नम्बर धकेल दिया। कहना न होगा कि "आप" के जन्म के बाद कांग्रेस लगातार हासिये पर आने को मजबूर हो गयी है। क्योंकि 2013 में भी “आप” उम्मीदवार 26929 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। 2015 में "आप" के टिकट पर पवन शर्मा चुनाव लड़े और पिछले रिकार्ड ध्वस्त करते हुए 54026 वोट लेकर विजयी हये। हालांकि दूसरे नम्बर पर रहे भाजपा प्रत्याशी राम किशन सिंधल को 33285 वोट लेकर भी हार का सामना करना पड़ा। जबकि 2013 में राम किशन सिंघल 36985 वोट लेकर विजयी हये थे। आप की वोट बढ़ी, जहां 2013 में आपके पाले में 26929 वोट पड़ी थी वहीं 2015 में 54026 वोट पड़ी। कांग्रेस 2015 में हासिये पर सिमट गई थी जबकि आजाद पुर गांव के निवासी मुकेश गोयल, कांग्रेस के दिग्गज कहे जाने वाले नेता ने चुनाव लड़ा था लेकिन जमानत के भी लाले पड़ गये थे।

2020 का चुनाव इसी लिहाज से दमदार होने जा रहा है। जहां "आप' पार्टी ने पूर्व विधायक पवन शर्मा को ही चुनाव मैदान में उतारा है, वहीं भाजपा ने आदर्श नगर क्षेत्र के निवासी, किन्न के व्यवसायी मृदु भाषी राजकुमार भाटिया पर अपना विश्वास जताया हैराजकुमार भाटिया पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में लगातार सम्पर्क में है। क्षेत्रीय विधायक से ज्यादा उनकी पहचान है। जहां “आप” उम्मीदवार पवन शर्मा को केजरीवाल की छवि और अपने किये गये कामों को लेकर क्षेत्र में उतरना पड़ रहा है। पवन शर्मा पर राशन दुकानदारों से उगाही के भी आरोप लगते रहे हैं। वहीं भाजपा उम्मीदवार अपनी स्वच्छ छवि के कारण सहज ही जनता का प्यार पा रहे है। हालांकि पार्टी के भीतर ही गुटबाजी का सामना उन्हें भी करना पड़ेगा। लेकिन अपने व्यवहार के कारण वो इस समस्या से निजात पा लेंगे। इस सीट पर भाजपा और "आप' में ही टक्कर देखने को मिलेगी। कांग्रेसी उम्मीदवार पैसे के दम पर वापसी की कोशिश करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन दिल्ली दूर है।