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‘‘सरस मेला-2020‘‘ के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम
February 28, 2020 • Geeta Bisht & Dr. Naresh Kumar Choubey • Entertainment

 

सूचना/पौड़ी/दिनांक 27 फरवरी, 2020
श्रीनगर गढ़वाल में आयोजित ‘‘सरस मेला-2020‘‘ के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम में बुधवार को पौड़ी विधायक मुकेश कोली, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम में पंजाब के कलाकारों द्वारा पंजाबी गिद्दा एवं भांगड़ा नृत्य की प्रस्तुति दी गई। वहीं इन्दिरा नायक द्वारा सूफी संगीत की प्रस्तुति तथा कवि सम्मेलन में श्री प्रताप फौजदार, सुदीप भोला, डाॅ. राजीव राज एवं योगिता चैहान द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई।
इससे पूर्व दिन में मेला परिसर श्रीनगर में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना की अध्यक्षता मंे विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल के माध्यम से विकासत्मक कार्यों की प्रदर्शिनी तथा गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में विशेषज्ञों द्वारा कृषि के आधुनिक तकनीकों तथा उपकरणों की जानकारियां दी गई। उन्होंने सभी लोगों से कृषि समेत अन्य विभागों द्वारा संचालित किये जा रहे स्टाॅलों से योजनाओं की जानकारी लेने को कहा। कहा कि मेले का उद्देश्य ही लोगों को सरकारी योजनाओं की अधिक से अधिक जानकारी देना है। उन्होंने विभागों को भी लोगों की हर सम्भव सहायता करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर विभिन्न महिला मंगल दलों द्वारा भी लोकगीत व नृत्यों की प्रस्तुतियां दी गई।
गोष्ठी में मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा ने किसान सम्मान निधि, किसान मानधन योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री फल बीमा योजना, बीज ग्राम योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, आतमा योजना तथा किसान क्रेडिट कार्ड आदि योजनाओं की विस्तार से जानकारियां दी। उन्होंने कहा कि किसानों के उत्थान के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित कृषक सम्मानि निधि का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आव्हान किया। कहा कि इस योजना से आच्छादित होने के लिए लाभार्थियों को बैंक से आवेदन प्रपत्र तथा भू-अभिलेख आदि को बैंक में जमा करवाना अनिवार्य है।
इस अवसर पर उद्यान विभाग द्वारा उद्यानीकरण की विभिन्न योजनाओं की जानकारियां दी। रबी तथा खरीफ की फसलों में लगने वाले रोग व कीटों के निस्तारण के विधियों से रूबरू किया। इन फसलों के अधिकतम उत्पादन की भी तकनीकी जानकारियां दी। फसलों का अधिकतम लाभांश प्राप्त करने के लिए काश्तकारों को भूमि सुधार, भूमि उपचार, बीज का चयन, बीज का उपचार, सूक्ष्य पोषक तत्वों का प्रयोग, मृदा स्वास्थ्य कार्ड आदि के बारे में जानकारियां भी दी गइ। बताया गया कि प्रधानमंत्री कृषि-सिंचाई योजना की सूक्ष्य सिंचाई योजना के तहत काश्तकारों को अपने प्रक्षेत्रों में 55 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रिंकलर सैट को स्थापित करवा सकते हैं।
मेले के अवसर पर आईएलएसपी द्वारा विभिन्न महिला समूहों द्वारा लोकगीत और लोकनृत्यों को शानदार प्रस्तुतियां दी गई। जिसमें महिला मंगल दल कोट, देवल, खोला, रैदुल, कोटसाड़ा, फलस्वाड़ी तथा महिला मंगल दल ढुंगरी आदि समूहों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा पर्यावरण संरक्षण आदि पर लोकगीत प्रस्तुत किये। उन्होंने हिमवंत देश होला त्रिजुगी नारैण, आवा दिदी भुली आवा नांग धरती की ढकावा, बेटी बचावा-डाली लगावा, बेटी बचावा दगड्यिांे जनम देंण वाली मां बचावा आदि लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी गई।
इस मौके पर एपीडी सुनील कुमार, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी पाबौ लोकेंद्र बिष्ट, सहायक कृषि अधिकारी पौड़ी संजय अग्रवाल, सहायक कृषि अधिकारी  खिर्सू बिहारी लाल शाह,  बीटीएम भारतभूषण भट्ट, प्रगतिशील काश्तकार यशवन्त सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम संचालन डा0 राकेश भट्ट तथा मंजीत सिंह रावत ने किया।